Not known Facts About protection



साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। 

तो चलिए विस्तार से जानते हे शाबर मंत्र साधना कैसे की जाती हे और इसका प्रयोग कैसे किया जाता हे उसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हे,

ऊँ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंहवाहिनी बीसहस्ती भगवती रत्नमण्डित सोनन की माल ।

साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। 

श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम

गुरु की भूमिका:- शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए गुरु से दीक्षा लेना आवश्यक है। गुरु के निर्देशों का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन करें।

❤ इसे और लोगो (मित्रो/परिवार) के साथ शेयर करे जिससे वह भी जान सके और इसका लाभ पाए ❤

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।

इसके बाद जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब आपने जो भी कपड़े पहने हुए हैं उसी के साथ जाकर पानी से स्नान कर ले. इस तरह सूर्य ग्रहण की अवधि में आपके द्वारा जाप किए गए साबर मंत्र का असर होने लगेगा और उसकी सिद्धि हो जाएगी, सिद्ध होने के बाद आप साबर मंत्र का इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए कर सकते हैं.

आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।

अगर आप ग्रहण काल के दरमियान किसी शाबर मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको जो भी मंत्र सिद्ध vashikaran करना है उसे अच्छी तरीके से याद कर ले मतलब कि आप बिना किताबों को भी उस मंत्र को पढ़ पाए.

तंत्र मंत्र सास को वश में रखने के शक्तिशाली वशीकरण टोटके

साधना के समय एकांत में रहें और अन्य गतिविधियों से बचें।

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